जीना इसी का नाम है ??????????????????????
क्या जीना इसी का नाम है , बिना किसी की परवाह किये जीने क्या इसी का
नाम जीना है ?जब भी हर कुछ अच्छा नज़र आता
दीखता है , सब कुछ खुशहाल नज़र अता दीखता है तो फिर ये बिच में कैसी उलझाने आजाति
है , बिच में कभी गम कभी समझोते आजाते है I पुराने युग में जब लोग को ना पैसा , ना
दोस्त , ना लोग , नहीं परिवार दीखता था वो
तो बस जीना जानते थे , पर आज हम इसको छोड़ कर सभी चीजों की परवाह करते है , वैसे तो
हर चीज़ अपनी जगह पर सही होति है , और कीसी को किसी भी व्यक्ति के जीवन में अर्चाने
डालने का कोई अधिकार नहीं होता , हर कोई मुक्त है जो वो चाहे वो करने के लिए ऐसा सोच कर में जीता हूँ I पर क्या जिस व्यक्ति क लिए हमने ये सोचा की उसका जीवन किसी और की वजह से प्रभावित नहीं
होता , तो क्या ऐसा असलियत में होता है I क्या पता
हर व्यक्ति कैसे क्या सोचकर जीता है I
एक छोटी सी जिन्दगी मिली है ,
उस में भी हम वो क्या कहेगा , वो क्या सोचेगा , ऐसा नहीं होसकता , वैसा नहीं
होसकता में अपन अध जीवन निकल देते है और जब हिम्मत अति है कुछ कर्गुजरने की जब तक
सब कुछ हाथ से निकल जाता है I और कहने को
सिर्फ बचा हुआ जीवन रह जाता है जिसे मन मारकर बिताने के आलावा कोई रास्ता नहीं नज़र
आता है I और क्या वो लोग खुश रेह्पाते है अपने जीवन में I
क्या जीना इसी का नाम है ???????????????
जीवन काटना , या जीवन जीना
सुनने में और समझने में बहुत ही अच्छे और काफी
अलग प्रतीत होते हैं , पर क्या हम इन शब्दों को समझ ते है और कभी भ इनके सोचेते
हुए जीवन व्यापन करतें है I मेरे
अनुचाव से तो मेनेबहुत ही कम ऐसा देखा है की लोग अपने सपनो को पाने के लिए अपना
पूरा जीवन लगादेते हैं पर ,और कुछ जीवन काटने पर भरोसा रखतें है के चलो आज भी गया
, कल भी चल जायेगा और एक दिन हम भी चले जायंगे वैसे कुछ ऐसा करना की हम कभी ना भुला पायें ऐसा बहुत ही कम देखने को अत है I
जो भी ख़ुशी पाने के लिए करें और खुश रहें वो ही सही है I
में खुद भी येही सोचता हूँ , और इस वाख्या पर मुझे एक गाना हमेशा याद
अत है “हँसते हँसते कट जाये रस्ते , और जिंदगी ऊँही चलती रहे” I हर पल में
जीने का मज़ा ही कुछ और ही है I हर खुनशी
को बांटना , उसे पाने में पूरी जान लगा देना इसेही जिन्दगी कहतें है शायद , पता
नहीं पर खुद की हर एक कमियाबी के बाद कुछ ऐसा महसूस होता है जो बतया नहीं जा सकता
और ये पल जब भी अत है तो समय ऐसा चलता है की पता ही नहीं लग पता है की
आप ने अपने जीवन के ये पल कितने अच्छे निकाले हैं I और ये इतना
असं नहीं होता हर चीज़ समय मांगती है हर ख़ुशी विलंभ मांगती है I
में तो इसी को कहता हु के हाँ जीना इसी की नाम है I I I I I I I
