2014 में अरहा हूँ

एक साल 2013 और ख़तम पता नहीं मुझे खुश होना चाहिए या दुखी !!!!!!!!!!!!

दुखी इसलिए की मेरा एक साल खत्म हो रहा है और ख़ुशी इस बात की के में अगले साल में जरहा हूँ .इस साल बहुत से उतर चड़ाव करे , ये बात तो अब महसूस हुई जब हम असलियत में पड़ लिख कर बाहरी दुनिया में जातें है तो ,दोस्त ,परिवार ,स्वस्थ्य सब को एक साथ संभालना मुश्किल होजाता है पर , दोस्तों बिखर जातें हैं , घर पर कम वक्त दे पाते , पर इनसब से दूर जब भी किसी दोस्त का कॉल , कभी अचानक से उससे मिलना , घर पर एक साथ मिलकर बातिएँ करना बहुत अच्छा लगता है !
एक दुसरो पर जान छिडके ने वाले दोस्त कम ही मिलतें है.......
इस पुरे साल हम सभी ने कई उतर चड़ाव का सामना किया पर आखिर सभी अपनी जगह पर खुश है कुछ अभी भी अपनी मंजिलो को पाने में लगे हुए है ,अपने सपने पुरे करने के लिए जी जन लड़राहे है ऊन सब को मेरी और से बधाईयाँ और मेरे सभी दोस्तों , गुरुजनों ,शुभचिंतक को मेरी और से नव वर्ष की शुभ कामनाएं !!!!!!!!!!!!!!
सभी के सारे सपने पुरें हों , काफी कुछ हासिल करना है इस जीवन में !!!!!!!!!!
में तो येही कहना चाहूँगा -

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
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असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

Happy New Year !!!!!!!!!!!
Stay connected and tuned
2014

विशाल 

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