ये लेख पूरा काल्पनिक है इसका कसी भी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है !
प्यार सबके लिए नहीं होता कुछ लोगो क लिए ये सिर्फ एक समय पारित करने का तरीका है !
निर्द्यिता ही ख़ुशी देती है !
वैसे तो कहने में ये गलत लगता है पर असलियत यही है अगर आप खुशलता से किसी से बात करते हो , प्यार करते हो , कभी किसी का बुरा नहीं करते हमेशा ख़ुशी देते हो लेकिन बदले में ऐसे लोगो को क्या मिलता है "हजारो गम" ! हाँ ये सत्य है अगर आप इस श्रेणी में आते हो तो आप बहुत बड़े मुर्ख हो लगो आपका भरपूर फायदा उठाते है और फिर इतना बुरा आपके साथ करते हैं जो अप सपने भी नहीं सोच सकते , पर यहाँ पर जो लोग निर्दयी होतें है वो लोग हमेशा ही खुश रहतें हैं क्यूंकि वो खुद दूसरा का बुरा कर चुके है तो उन्हें पता होता है की इस से कोई फर्क नहीं पड़ता जिन्दगी चलती रहती है !समय बड़ा ही बलवान होता है बड़ी बड़ी मुश्किलें तक भूल जाता है इन्सान !
उसने जिन्दगी में सिर्फ एक ही गलती करी की किसी का बुरा नहीं सोचा नहीं बुरा किया , अब जाकर उसे लगा की कितने गमो का पहाड़ घिरा उसपर !हर चीज़ किसी ने करी है तो सिर्फ छल कपट ही किया है सिर्फ मतलब से किया है ,कुछ सपने दिखाए तो भी मतलब के सिर्फ !पर इन चीजों के लिए किसी को भी गुनेगार नहीं ठहरा सकता क्यूंकि ये उसकी ही गलती है जो उसने किसी को इतनी तवज्जो दी किसी के बोले हुए शब्दों को अपना माना उन पर अमल किये ! पर उसे क्या पता था ये सिर्फ एक ढोंग है और सिर्फ जब तक आप उसके जीवन में कुछ मूल्य रखते हो तभी तक वो आपके साथ था जैसे ही अप का कोई मूल्य - काम नहीं रहा आपकी वैल्यू भी वाही ख़तम होगई !वैसे हर कोई येही करता है पर असली गम जब होता है तब कोई दिल से जुड़ा व्यक्ति ये कर दे ! जिन्दगी में हर सेकंड आपको कुछ सिखाता है , और एक छाप छोड़ जाता है आपके जीवन में और जो दिल से जुड़ा होता है वो इतिहास बनकर रोज पूरी जिन्दगी आपको रुलाता रहता है !काश ये निर्दैयता उस वक्त आजाती जब ये प्यार के झोंके आने लगे थे !
ये प्यरा नहीं व्यापर है ! जहा धन , खूबसूरती ,भविष्य की गुंजाईश ज्यादा मायने रखने लगी हैं ! सुना था प्यरा दिलो के मिलने पर होता है, पर स्थीती के मिलने को प्यरा नहीं धोका कहेंगे ! कुछ तो कमी रही होगी जो इतना बड़ा फैसला इतनी आसानी से सुना दिया ! दुनिया में हर चीज़ आसान होति है अगर उसे करने की दिल से इच्छा हो और अगर आपका इरादा ही नेक नहीं हो तो फिर लाख कोशिश ही क्यों ना कार्लो अप उसको नहीं पा सकते !
प्यार सबके लिए नहीं हो ता , अगर आप इसके लायक नहीं हो तो ये भी आपके लायक नहीं है ! इन्सान लायक अपने कर्मो से अपनी भावनाओ से होता है , मतलब से कोई लायक नहीं बनता !और अगर आप इसके लायक नहीं हो तो अप कभी इसको पा नहीं सकते और पैसे से ख़ुशी खरीदी जाती है प्यरा नहीं ! प्यार सब क लिए नहीं होता भगवन चुनता है लोगो को जो इसके लायक होतें है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
