संविदा नोकरी से हरताल तक !!! एक अनुभव #continued 26.06.2016

संविदा नोकरी से हरताल तक  !!! एक अनुभव  #continued 26.06.2016

आखिर जित राजनीती की हुई । हम लोग छोटे से कर्मचारी हैं , नहीं की राजनीतिज्ञ , और हार का पलड़ा भी उनकी और ही झुका होता है जिनको राजनीती नहीं अति । देश  के हक़ की लड़ाई करते करते कई लोगो  शहीद होगय पर कभी किसी ने  हार नहीं मानी  और हम भी लड़ते रहंगे  सरकारे आयंगी सरकारे जायंगी ।  इतनी महनत  कर के जो संघठन खड़ा हुआ था वो आज तितर बितर होगया है , और अब तो धीरे धीरे तानशाही का आलम आ गया  है जब मन में अत है लोगो को निकल दिया जाता है । जिन लोगो को पहले जब योग्य मानकर बरसो कार्य करवया और पल भर में  अप्रिसिअल के नाम अयोग्य घोषित कर के निकलना शुरू करदिया है । मानवाधिकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं हैं जो लोग परमानेंट होकर काम से जी चुराते है , घुस खोरी करतें हैं सरकार उनको  बिना किसी अप्प्रिसिअल के मोटे मोटे वेतन देने को तयार हैं पर जो व्यक्ति दिन रात  महानत  कर के  विभाग के कार्य को  गति प्रदान कर रहा हैं । वो अपने हक़ के लिए लड़ भी नहीं पा रहे है जहा पहले परमानेंट होने से लेकर कही मांगो क साथ जो संघठन खड़ा था । आज वाही बिखरा हुआ संघठन ऊन लोगो की नोकरी  बचाने में लगा हुआ है , जो कुछ दिनों पहले जैसे तैसे म्हणत करके अपना पेट पलते  थे । अब तो कई लोगो के पास तो कुछ काम भी नहीं रहा करने को जो भी बचा कुचा पैसा है वो भी कोर्ट की तारीखों में निकलने लगा हैं  ।
और जो बचे हुए हैं मेरी तरह वो  ये सोचने में लगे हैं की कुछ नया जुगाड़ करले जल्द से जल्द वर्ना जो आज कुछ लोगो के साथ हुआ है कई और के साथ भी हो सकता है ।  वैसे विभाग या सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता एक को निकल कर अगर आवेदन निकल भी दें तो हजारों फॉर्म अजयंगे । करोड़ो की  कमाई होजयगी , और बेरोजगारी का अकड़ा भी  केंद्र को कम दिखाया जायगा , जिनको पहले मिली थी उनको और जिनको अभी देंगे उनको सबका मिलाकर  दिखाया जायगा ।
 अब सिर्फ एक ही रास्ता है जो हम लोगो के पास  बचा है इतने साल यहाँ पर बर्बाद करने के बाद , की या तो कोई नयी नोकरी ढूंड कर वहा  चले जय सब समय महनत  जो की आज तक को पराया कर के , या फिर से एक मजबूत संघठन  को खड़ा कर के , उनलोगों को दिखाया जाय के हम हार मान ने वालो में से नहीं हैं ।  में दुसरे बिंदु पर ही विशवास करता हु और सब से आग्रह भी करता हु की जब धीरे धीरे कर के जाना सभी को ही (नोकरी छोड़ना )  है , तो क्यों ना एक बार और जंग लड़ी जाय  और इस बार पूरी ताकत से एक मजबूत संघठन को खड़ा करके लड़ा जाये ।

नोकरी मायने नी रखती  , आत्मसम्मान मायने रखता है दो वक्त की रोटी तो एक भिक मांग कर खाने वाला भी कम लेता हैं और हम लोग तो योग्य लोग हैं जो कम से कम अपने हक़ के लिए तो लड़  ही सकते हैं ।

इस कविता से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

--हरिवंशराय बच्चन  जी


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भारतीय राजनीती आज कल !!!!!!


## में किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता , पर आज कल जो भारतीय राजनीती का हाल हैं में अपने आप को बोलने से रोक नहीं सकता  , में कोई मंत्री  या किसी राजनितिक पक्ष का उमीदवार भी नहीं हो जो की किसी मंच पर जाकर कुछ कह सकू ।
एक बात पर मुझे पूर्ण विश्वास है , मोदी जी देशभक्त हैं ।और उनसे अच्छा प्रधान मंत्री या देश सेवक मेने अपने पुरे जीवन में नहीं देखा और वो ही एक  ऐसे  देश भक्त हैं जो की देश को बुलंदिओं के शिखर पर लेकर जायंगे ।आज कल के युवक राजनीती को एक सब्जेक्ट की तरह लेते हैं । या तो नाम कमाने के लिए या पैसे कमाने के लिए । इसी  श्रंखला में लोग   जो की अपना केरिएर  राजनीती में बनाना चाहते हैं , मीडिया के रास्ते नए नए बयान देते हैं और अपने आप को हाईलाइट करते है ।  2012 जब आम आदमी पार्टी का आगाज हुआ तो लगा अब कुछ पड़े लिखे लोगो के हाथो में देश  की भाग डोर अजायगी और  लोगो ने इसे पसंद भी किया । और ये मुझे किसी को बताने की जरुरत नहीं की आम आदमी पार्टी लगातार 2 बार चुनाव जीती है ।
और सिर्फ वाही एक पार्टी है जो की अपने किये हुए वादों को करने में  लगी हैं और काफी हद तक पुरे भी कर चुकी है । फिर भी आज कल जब भी में समाचार देखता हु तो पुरे भारत में सिर्फ #AAP के विधायक ,मंत्री ही मुजरिम बने हुए हैं ,और किसी भी  पार्टी ,राज्य का एक भी मंत्री पे कोई इलज़ाम नहीं हैं । सिर्फ और सिर्फ  भी कुछ गड़बड़  दिल्ली में होति है तो उसकी जिम्मेदार #AAP होति है , और कही भी कुछ भी हो जैसे मध्य प्रदेश ही देख लीजिये व्यापम घोटाला जिससे की कई बच्चों का भविष्य ख़राब किया है जिन्होंने पास होने की रिश्वत दी उनका भी और जिन्होंने नहीं दी (उन्होंने होशियार होते हुए भी डॉक्टर बनने  से वंचित रहकर ) पर उनके  बारे में किसी का ध्यान नहीं नहीं नहीं मीडिया कुछ बताती है शायद मीडिया को इस बात के पैसे नही  मिलते होंगे ,क्युकी जिन बच्चों की जिन्दगी ख़राब हुई है वो इस लायक थोड़ी जो इतना पैसे दे सके ।   सिर्फ व्यापम का नाम प्प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड रख कर सारा मामला सेटल होगया   । नहीं कोई गुनेगार पकड़ा गया जिसने ये सब करवाया नहीं किसी का कुछ बिगड़ा बस हुआ तो क्या की जो शुल्क पहले कम था पास होने का अब वो  बड कर 2-3 गुना होगया है ,क्योंकि भाई रिस्क कितनी होगई है । ऐसे ही बहुत सरे #SCAM #घोटाले सरे राज्यों में हैं वहा गिरफ़्तारी , मीडिया कवरेज कुछ नहीं होता बॉस जहाँ काम होरहा है वहा पर इतना जल्दी और इतना कठोरे कारवाही की जारही हैं ।और #AAP के पास प्रधान मंत्री जी से बिनती करने क अलावा कोई रास्ता नहीं है क्यूंकि वो जानते हैं की सिर्फ एक ही सक्श जो उनकी सुन सकता है ,  पर वो भी पार्टी से बहार जाकर उनकी मदद नहीं कर  सकते ।
और जो पार्टी और जिसके  पड़े लिखे लोग देल्ली में काम करना चाहते है उन्हें सोची समझी सदिश के तहत काम नहीं करने दिया जारहा है , क्यूंकि सबको पता है अगर #AAP ने सरे कारनामे कर दिखे तो 2019 के चुनावो में पुरे देश में #AAP ही  का परचम लहरेगा । में ये भी नहीं कहता की साडी पार्टी ख़राब है सरे नेता हैं ख़राब हैं काफी  लोग  बहुत ही अच्छे है और अपने काम पूर्ण ईमानदारी से कर रहे हैं । पर जो पार्टीज एंड पॉलिटिक्स  है वो आज कल किसी प्रोफेशनल कोंपीटशन से कम नहीं ,ब्रांड की तरह उन्हें उठाया और गिराया जा रहा है । मेरा बस इतना निवेदन है प्रधान मंत्री जी से की जो लोग इस  देश के लिए काम करना चाहते है , उन्हें आप प्रोह्त्साहित करें , जैसा की आप हमेशा करते हैं (हाली ही में अपने कोलेजे के छात्रों को जिन्होंने रोकेट बनाया है )।
इस का सारांश में तो येही निकलता हूँ की सिर्फ मोदी जी ही हैं जो की अपने देश को आगे बड़ने और देश की युवा पीडी को आगे बदने का अवसर दे सकते हैं ।

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