सफलता !!!!!!!!! एक चुनोती

सफल  , कहने को तो ये तीन अक्षरों का शब्द है पर ये कहलाना बड़ा ही मुश्किल है . जब हम स्कूल में पड़ते थे उस समय  सोचना अपने आप को बड़ी ही आसानी से डॉक्टर , इंजिनियर ,बिजनेसमैन बंदना बहुत ही आसान हुआ करता था .पर जैसे जैसे हम आगे बड़ते गये दिल दिमाग  का जो ताल मेल है वो बहुत गद्बद्ता गया.  कुछ पल ऐसे थे जब लगा की बहुत कुछ पलिया है और बस अब येही वो हैं  जिसके सहारे जीवन आसानी से निकल जायगा पर वक्त हर वक्त प्रबल नहीं होता .हमारे सितारे ना जाने क्यों डगमगा जाते हैं.  ऐसा किसी एक क साथ नहीं हम सभी क साथ कभी ना कभी  होता ही है .
जैसे जैसे हम इस उलझी हुई दुनिया में उकझ ते जातें है वो बचपना याद आजाता है जहा हम हर चीज़ की ख्वाइश कर सकते थे वहीँ अब हम हर चीज़ दुसरो क मुताबित करतें है उसपर विचार कर कर के इतने निष्कर्ष निकल लेते है और करना तो दूर हम उस बारे में सोचते भी नहीं .
सिर्फ एक धनात्मक  सोच (पॉजिटिव थिंकिंग ) के साथ हम  ये जहान नहीं जित सकते ये , ये सत्य है आपका लोगो क प्रति नजरिया , आपके पास  का माहोल उस पर काफी फर्क डालता है ,लोग आपको हर चीज़ हर सोच बदलने की कोशिश करतें है . आपके हर तर्क को गलत साबित करने में लगे रहते हैं  पता नहीं क्यों कुछ लोगो को इस चीज़ में बड़ी ख़ुशी महसूस होति है .जब आदमी आपके किसी दुःख में आपके साथ नहीं होसकता और  नहीं वो आपके जीवन क लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग दे सकता तो उसे हमारे किसी भी प्रगति और सोच को बदलने का कोई हक़ नहीं , और नहीं हमे उस चीज़ को दिल पर लेकर सोचने की कोई कोशिश करनी चाहिए .


जैसे हमारे हाथ की उँगलियाँ  मुक्त होति है कही भी घूम सकती है कुछ भी पा सकती है , पर उसपर ये समाज ये लोग बंदिशों की डोरियाँ लपेटते चलें जाते हैं .कोई चाहता है अप ये ना करें कोई छठा है अप वो ना करें और फिर इस मतभेद में दिल और दिमाग को जो ताल मेल है वो लड़ खड़ा जाता अहि और हम जहा अटके होतें है वाही अटके रह जातें  है . 
जो लोग हमारे लिए प्रेरणा बनते है हमको एक धनात्मक सोच क लिए प्रेरित करतें है ,जिनको पा कर हम भी खुश होतें और खूब सपने सजाते हैं , और एक संतोष रहता है जीवन में , उनसे भी हमरी सोच पे बहुत फर्क पड़ता है वो कसी भी रूप में हो सकते है  आपका प्यार , आपका परिवार . और उस चीज़ का आपके साथ  उतना ही जरुरी है जितना प्रकश का एक पोधे क लिए वो तभी बढेगा जब उसका मन , उसका दिल प्रसन्न रहेगा वो अपने  आप ही हर दिन के जीवन में  आनंद लेने लगेगा .  
अपने अस पास का माहोल अपने हिसाब से बनाना बहुत ही महवपूर्ण है सफल होने के लिए ,जैसे तलब में आप रहोगे वैसा ही पानी आपको मिलगा अच्छा हुआ तो अच्छा , मीठा हुआ तो मीठा , गन्दा हुआ तो गन्दा और उस तलब में कही तक भी चले जाएँ वो वैसा ही रहेगा .
जीवन एक बार बनता है और एक ही मोका मिलता है सब को अपनी लाइफ में या तो उसके लिए मर मिटो  उसे पाने में जी जान लागलो या फिर चुप चाप बेठ कर जैसा समाज , लोग ,परिवार चाहे वो   सहन करते रहो. कुए का मेंडक बनना बहुत आसान है कुंकी वो वाही पैदा होता है और वाही मर जाता है पर समुद्र की जलपरी बनना बहुत मुश्किल . इन मुश्किलों को हटाने का सिर्फ एक ही रास्ता है बस अपने लक्ष्य क पीछे चलो और जो पाने की तमन्ना हो उसे पाने क लिए जी जान लगादो ,लोगो का तो काम है कहना क्कुह अच्छा होगा तो लोगो को नहीं आपको संतोष और आनंद मिलेगा  और कुछ जायगा तो कोई जिन्दगी ख़तम नहीं होजयगी , जितना आपकी काबिलियत है उतना तो आप कभी भी बना सकते हो उससे ज्यदा तो आपके लिए एक धनात्मक उपलब्धि है जीवन की !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!               













  

क्या पैसा ही सब कुछ होता है !!!!!!!!!!

क्या पैसा ही सब कुच्छ होता है ,अगर ये सवाल आप किसी भी आम आदमी से पूछोगे तो उसका जवाब हमेशा ही रहेगा हाँ पैसा ही सब कुछ होता है !पैसे से आप दुनिया की हर ख़ुशी , हर चीज़ हर वो मुकाम ला सकते हो जिस से की आप को ख़ुशी मिले आप जीवन में आनंद पा सकें ! जब कोई लड़की किसी से प्यार करती है , या फिर कोई लड़की की किसी लड़के से शादी होने वाली होति है तो क्या वो सोचती है की उसका पति उसे वो सब ख़ुशी दे पायगा क्या वो हर चीज़ जो हम telivision/ या हमारे आस पास आमिर लोगो को करता देखते है क्या वो सब में कर पाऊँगी , क्या मेरा बच्चा जिसकी अभी हाथ की लकीरे भी नहीं बनी है वो सरे सुख और ख़ुशी पा सकेगा जो हम दुसरे लोगो को देखकर अपने मन में सोचते है !


में ये नहीं कहता की पैसा ही सब कुछ नहीं होता ! पर पैसे की जीवन में एक ऐसी जगह बनी हुई है की उसके बिना हम अपनों के और पास आ सकते हैं ! हर व्यक्ति चाहता है और इस बात की पूरी कोशिश करता है की वो अपने परिवार की हर इच्छा को पूरी कर सके , वो हर चीज़ दे सके जिसके लिये उसका बच्चा रोता हो , हर वो चीज़ जिसके लिए उसकी पत्नी इच्छा करती हो ! हर वो चीज़ जिन के लिए उसके माँ बाप ने उसकी ख़ुशी में नयोछाव्वर कर दी हो !पर हर व्यक्ति इस में सक्षम नहीं होता पर वो अपनी पूरी जान लगा देता है उनसभी को पाने में !
जिया पैसो से हम अपने एक पल की ख़ुशी पातें है उसमे पता नहीं कितने गरीबों का एक वक्त का खाना मिल जाये , पर हमको किसकी परवाह है हम अपने जीवन को संतुष्ट करने में लगें है हम मिलो घूम आते है ख़ुशी के लिए , लाखो रुपये उड़ा देतें है फिर भी हमे वो ख़ुशी नहीं मिलती जो एक गरीब को खाने खिलने पर किसी सज्जन को मिलती है , और ऐसा नहीं होता की उस व्यक्ति क पास पैसा बहुत है की वो इधर उधर लोगो की सेवा में उड़ा  रहा है पर ऐसा नहीं है , उस सज्जन ने अपने जीवन में ये दिन जरुर देखें होंगे जब वो गरीब और असहाय होगा की भूख का दर्द क्या होता है !


जो आदमी जमीं से उठता है उसे उसकी कद्र हमेशा याद रहती है की कितना दर्द होता है जमीं में !

में बस इतना चाहता हूँ की  में इतना पैसे कमा सकूँ की अपनों की वो हर इच्छा पूरी कर सकू और कभी मोका लगे तो किसी गरीब की एक वक्त की खाने की भूक मिटा सकूँ ! 

मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!





मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते , सच में मुझे मेरे सपने सोने नहीं देते  आज भी ये सवाल मुझे बार बार याद अत है ,  living my dreams or still i m dreaming .
किसी ने कहा है की सुबह क सपने सच होते हैं ,पर मुझे तो सुबह सबसे अच्छी नींद अति है ,पर आज मेने सोच ही लिए की रात भर जगता रहूँगा और सपने देखने की कोशिश सुबह करूँगा काश ये तरीका काम आजाये ! दिन रात यही सोचता हु कैसे करूँ , कैसे निकलू सब छोड़ क कही दूर खली मैदानों में चला जाऊ और बस सेलफिश बन जाऊ सिर्फ अपने बारे में सोचु ,क मुझे क्या चाहिए फिर अंत में  दिल नहीं मानता साला और यही रुक जाता हूँ !


रोज सुबह यह सोच कर उठता हूँ की आज तो बस ,पर बस में दौड़ते दौड़ते दिन कहा चला जाता है , मालूम ही नहीं पड़ता ! और रात भर ये सोच सोच कर नींद खुल जाती है की आज का दिन तो गया कल तो सुबह से पक्का.पर ये पक्का आज तक पक्का नहीं हो पा रहा !


Life seams to be a packets of pipelines (weeks) once you enter you will come out at the end and then the same routine you follow till you survive.
और यह हमेशा चलता रहता है और जब हम अपने अप से पूछने लायक स्थति में आते है की हमने इस जीवन से क्या पाया है तो हमारे कहने क लिए कुछ  नहीं होता , इस चीज़ में तो जानवर अच्छे होते है क उनके पास दिमाग ही नहीं होता जिससे की वो अपने अप से पूछ सके की क्या किया इस जीवन में वो बस जी लेते है .

पता नहीं में इतना क्यों डर जाता हूँ , खुद को अकेला समझता हु कभी के में अकेला अपने आप से कैसे जीतूँगा कैसे में सब कर सकूँगा ,फिर में उसको लिखलेता हूँ.
पता नहीं क्यों पर जब इन शब्दों को में फिर से पड़ता हूँ तो अताविश्वास अता है की हाँ में कुछ करने की कोशिश में लगा हूँ और करता रहूँगा जब तक में कुछ पा ना लूँ !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!









चलती का नाम जिन्दगी !!!!!!!!!!!!!!!!!!! :-(



जीवन जीना सिखा देता है 

सच ही कहा है की जीवन जीना सिखा देता है ,मेने इतना जीवन देखा नहीं है फिर भी जितना सा भी उसमे ये बात मुझे सच ही लगी .अपने जीवन में इतना व्यस्त हो ता जारहा हूँ की मुझे मेरे सपने के लिए समय कम लगने लगा है , रोज्मार्र्हा की जिंदगी इतनी सरल लगती है और आसानी से कट जाती है पर रत को नजाने क्यों एक सवाल मन में अत है क्या आज मेने अपने लिए कुछ किया , कुछ सोचा दिन भर दुसरो क सपनो के लिए जीते हुए ख़तम होगये . 
और ये दिल हमेशा बेचैन होता रहता है और रात भर सोने नहीं देता की जिन्दगी फिर नहीं मिलेगी बीटा कुछ तो करना है कुछ तो पाना है और इसी सोच में रात कत्जती है और अगला दिन फिर वाही भाग दौड़ में निकल जाता है इस बीमारी का इलाज तो मुझे भी नज़र नहीं  आरहा  की  कैसे में क्या करू जो सब कुछ छोड़ कर बस वाही करने लागु जो मेरा दिल कहता है , वाही करू जिसके सपने में हमेशा देखता हूँ .क्या इतना आसान है .
नहीं समझ सकता , नहीं कर सकता क्युकी ये डर फिर से दिल में बस जाता है की कभी जो मेने सोचा वो मुझे कहा लेजयेगा ,लोग क्या कहेंगे का अच्छा भला जी रहता पता नहीं कैसे कैसे सवाल मन में आने लगते है की जिनके जवाब मेरे खुद क पास भी नहीं होते .
अकेला महसूस होता है , अकेला खड़ा हूँ  अकेला लड़ना है , सभी को आशाएं है पर किसी को मन की भावनाओ से कोई वास्ता नहीं .कुछ करने का जुनून भी सोगया है उसे भी मुझ पर विश्वास नहीं रहा की जब में अपने आप के लिए हिम्मत नहीं करसकता तो वो भी मेरे अंदर रहकर क्या करेगा .कठिन राहों पर कोई साथ नहीं देता और देगा भी क्यों उसके खुद क सपने भी तो उसे ये कदम उठाने नहीं देते .और फिर येही सोच कर अपने आप को मानना पड़ता है कल से जरुर , कल से जरुर ..........................

पर वो कल कब आयेगा ??????????????????

Live your dreams!!!! लिव योर लाइफ !!!!



हर कोई कहता है समझाता है अपने दिल की सुनो !!!!! पर क्या दिल की सुन कर करना इतना आसान होता है मुझे तो नहीं लगा.
अगर में अपने दिल की सुनता हु और हर वो चीज़ करने की कोशिश करता हु जो में करना चाहता हूँ तो क्या में रिश्ते , व्यहवार और जो ये जिन्दगी अभी में जिरह हूँ उसे निभा पाउँगा , जब जब मेने ये सोचा के आज के आज वो दिन है इस दिन से में अपने दिल की सुनूंगा तो पता नहीं क्या के दिक्कते मुझे आने लगी मुझे लगा और लगता ही रहता है की में इस जीवन के जाल में उलझता जारहा हूँ A और जितना में इससे बहार निकलने की कोशिश करता हूँ पता नहीं और अंदर चला जाता हूँ A कहीं न कहीं ये रिश्ते , व्यहवार ऐसी तकलीफे उत्पन्न करता है की में उन्हें तव्ज्जो देने में अपने सपनो को वाही ख़तम करदेता हूँ A
और समय के काँटे मुझे हर रोज ये सोचने पे मजबूर करदेते हैं की क्या , कब , कैसे में अपने समय को अपने सपने पुरे करने में लगाऊंगा A हर दिन में  मेरी संभाविक दिनचर्या में और हर रात अपने सपने की आहुति के आंसू में निकालता A
हर वक्त बस मुझे एक ही चीज़ महसूस होति है की हर चीज़ मेरे लिए पहले से ही बनी हुई है , बस मुझे करते रहने है A कभी किसी ने नहीं पूचा में क्या चाहता हु A और बस ये समय उही चले जारहा है A  कोई कहता है ये तो में कह ता हूँ हाँ , कोई कहता है वो तो में कहता हूँ हाँ और इसमें मेरे जीवन के अनमोल पलों को में ख़त्म करता रहा हूँ और क्या पता करता रहूँगा A और वो हिम्मत जो मुझमे नहीं है की में सब कुछ छोड़ कर बस वाही सोचु के में क्या करना चाहता हूँ कैसे करना चाहता हूँ A

फ्लोविंग विथ द फ्लो ऑफ़ रिवर !!! जहाँ मुहे ये जमाना लेजरह है वहीँ में चला जारहा हूँ बस .

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