"Survival of the fittest" डार्विन की यह बात अज मुझे सच लगी .हर व्यक्ति दुसरे से आगे निकलना चाहता है और अगर वो नहीं निकल पता है तो वो उसे हटाने की कोशिश करता है।और जो व्यक्ति उनसे बाख जाता है वो आगे होता है।वैसे हम लोगो को क्या समझे क्या वो हमसे मीठी बाते करते है हमारे हित में बाते करते है तो क्या वो हमारे लिए अच्छा सोच रहे है . क्या पता किस पर भरोसा करें या किस पर भरोसा न करें .
हर व्यक्ति भरोसा दिलाता है के यह सही है यह करले वो सही है वो करले पर किस पर भरोसा करें ये कोई नहीं बताता है .
लोग अपना मतलब जुटाने में ऐसे लगे है की उन्हें सामने वाले के बारे में कुछ दिखाई नहीं देता वो तो बस एक रास्ता हे उनका मतलब पूरा करने का ,पर आज मुझे एहसास हुआ की क्या पता में गलत हु या में इस चलते रहने वाली दुनिया में अपने आपको सही जगह नहीं दिलापरः हु ,हर चीज़ एसी होगी है जैसे काटने को दोड़ रही है . अगर अप सच्चे हो और हर व्यक्ति पर भरोसा कर लेते हो तो इसमें आप की कोई गलती नहीं है और आप दुनिया की नजरो में बहुत अछे हो पर क्या आप अन्दर से खुश नहीं रह पते क्योकि जब आपको पता लगता है आप तो बस एक कटपुतली बन गे हो लोग आपका इस्तमाल करके आगे बढ रहे है और आप वाही हो जहा आप हमेशा थे .पर इस समस्या का हल कैसे निकले कैसे आप लोगो से बचे क्या करें मुझे इसका एक ही रास्ता समझ अत हे .
आप पत्थर बन जाय , कुछ लोग होते है न जू सबकी हाँ में हाँ करते है सब जुल्म सहते है वैसा कुछ ,वाही एक रास्ता मुझे नज़र आता हे ,जिस से आप भी खुश रह सकते है और हर व्यक्ति जो आपके साथ है वो भी खुश रह सकता है .
आप कितनी भी कठिनाई में हो आप ही को उससे बहार आना होगा क्योकि हम अकेले आय है और अकेले ही जाना हे , समय और दुनिया किसी क लिए नहीं रूकती वो चलती रहती है या तो आप हार कर बैठे रहो या सब कुछ भूल कर नै तरीके से जीना चालू करदो .पहले खाना खाने क लिए लोग एक दुसरे की जान लेलेते थे , पर आज आगे निकलने के लिए उसे इतना demotivate कर देते की वह व्यक्ति न कुछ सोच पता है और जो कर पाने की शमता उसमे रहती है वो भी ख़तम हो जाती है।
न जाने इस कठिनाई से उभरने में मुझे कितने दिन लगेंगे कितनी रातों की नींद मुझे छोडनी पड़ेगी नहीं पता पर इस चीज़ से में उभरूंगा और इन लोगो को यह साबित करूँगा की व्यक्ति काबिल हो तो उसे कोई नहीं रोक सकता ,यह साबित करूँगा की हर व्यक्ति की कुछ अहमियत होती है और वो उसे मनवाने में अपना पूरा जीवन लगा सकता है ......................................“I like living. I have sometimes been wildly, despairingly, acutely miserable, racked with sorrow, but through it all I still know quite certainly that just to be alive is a grand thing.”
मेरे दिमाग में भूसा नहीं भरा हे। :-(
हर व्यक्ति भरोसा दिलाता है के यह सही है यह करले वो सही है वो करले पर किस पर भरोसा करें ये कोई नहीं बताता है .
लोग अपना मतलब जुटाने में ऐसे लगे है की उन्हें सामने वाले के बारे में कुछ दिखाई नहीं देता वो तो बस एक रास्ता हे उनका मतलब पूरा करने का ,पर आज मुझे एहसास हुआ की क्या पता में गलत हु या में इस चलते रहने वाली दुनिया में अपने आपको सही जगह नहीं दिलापरः हु ,हर चीज़ एसी होगी है जैसे काटने को दोड़ रही है . अगर अप सच्चे हो और हर व्यक्ति पर भरोसा कर लेते हो तो इसमें आप की कोई गलती नहीं है और आप दुनिया की नजरो में बहुत अछे हो पर क्या आप अन्दर से खुश नहीं रह पते क्योकि जब आपको पता लगता है आप तो बस एक कटपुतली बन गे हो लोग आपका इस्तमाल करके आगे बढ रहे है और आप वाही हो जहा आप हमेशा थे .पर इस समस्या का हल कैसे निकले कैसे आप लोगो से बचे क्या करें मुझे इसका एक ही रास्ता समझ अत हे .
आप पत्थर बन जाय , कुछ लोग होते है न जू सबकी हाँ में हाँ करते है सब जुल्म सहते है वैसा कुछ ,वाही एक रास्ता मुझे नज़र आता हे ,जिस से आप भी खुश रह सकते है और हर व्यक्ति जो आपके साथ है वो भी खुश रह सकता है .
आप कितनी भी कठिनाई में हो आप ही को उससे बहार आना होगा क्योकि हम अकेले आय है और अकेले ही जाना हे , समय और दुनिया किसी क लिए नहीं रूकती वो चलती रहती है या तो आप हार कर बैठे रहो या सब कुछ भूल कर नै तरीके से जीना चालू करदो .पहले खाना खाने क लिए लोग एक दुसरे की जान लेलेते थे , पर आज आगे निकलने के लिए उसे इतना demotivate कर देते की वह व्यक्ति न कुछ सोच पता है और जो कर पाने की शमता उसमे रहती है वो भी ख़तम हो जाती है।
न जाने इस कठिनाई से उभरने में मुझे कितने दिन लगेंगे कितनी रातों की नींद मुझे छोडनी पड़ेगी नहीं पता पर इस चीज़ से में उभरूंगा और इन लोगो को यह साबित करूँगा की व्यक्ति काबिल हो तो उसे कोई नहीं रोक सकता ,यह साबित करूँगा की हर व्यक्ति की कुछ अहमियत होती है और वो उसे मनवाने में अपना पूरा जीवन लगा सकता है ......................................“I like living. I have sometimes been wildly, despairingly, acutely miserable, racked with sorrow, but through it all I still know quite certainly that just to be alive is a grand thing.”
मेरे दिमाग में भूसा नहीं भरा हे। :-(

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