मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते , सच में मुझे मेरे सपने सोने नहीं देते आज भी ये सवाल मुझे बार बार याद अत है , living my dreams or still i m dreaming .
किसी ने कहा है की सुबह क सपने सच होते हैं ,पर मुझे तो सुबह सबसे अच्छी नींद अति है ,पर आज मेने सोच ही लिए की रात भर जगता रहूँगा और सपने देखने की कोशिश सुबह करूँगा काश ये तरीका काम आजाये ! दिन रात यही सोचता हु कैसे करूँ , कैसे निकलू सब छोड़ क कही दूर खली मैदानों में चला जाऊ और बस सेलफिश बन जाऊ सिर्फ अपने बारे में सोचु ,क मुझे क्या चाहिए फिर अंत में दिल नहीं मानता साला और यही रुक जाता हूँ !
रोज सुबह यह सोच कर उठता हूँ की आज तो बस ,पर बस में दौड़ते दौड़ते दिन कहा चला जाता है , मालूम ही नहीं पड़ता ! और रात भर ये सोच सोच कर नींद खुल जाती है की आज का दिन तो गया कल तो सुबह से पक्का.पर ये पक्का आज तक पक्का नहीं हो पा रहा !
Life seams to be a packets of pipelines (weeks) once you enter you will come out at the end and then the same routine you follow till you survive.
और यह हमेशा चलता रहता है और जब हम अपने अप से पूछने लायक स्थति में आते है की हमने इस जीवन से क्या पाया है तो हमारे कहने क लिए कुछ नहीं होता , इस चीज़ में तो जानवर अच्छे होते है क उनके पास दिमाग ही नहीं होता जिससे की वो अपने अप से पूछ सके की क्या किया इस जीवन में वो बस जी लेते है .
पता नहीं में इतना क्यों डर जाता हूँ , खुद को अकेला समझता हु कभी के में अकेला अपने आप से कैसे जीतूँगा कैसे में सब कर सकूँगा ,फिर में उसको लिखलेता हूँ.
पता नहीं क्यों पर जब इन शब्दों को में फिर से पड़ता हूँ तो अताविश्वास अता है की हाँ में कुछ करने की कोशिश में लगा हूँ और करता रहूँगा जब तक में कुछ पा ना लूँ !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!


