मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!





मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते , सच में मुझे मेरे सपने सोने नहीं देते  आज भी ये सवाल मुझे बार बार याद अत है ,  living my dreams or still i m dreaming .
किसी ने कहा है की सुबह क सपने सच होते हैं ,पर मुझे तो सुबह सबसे अच्छी नींद अति है ,पर आज मेने सोच ही लिए की रात भर जगता रहूँगा और सपने देखने की कोशिश सुबह करूँगा काश ये तरीका काम आजाये ! दिन रात यही सोचता हु कैसे करूँ , कैसे निकलू सब छोड़ क कही दूर खली मैदानों में चला जाऊ और बस सेलफिश बन जाऊ सिर्फ अपने बारे में सोचु ,क मुझे क्या चाहिए फिर अंत में  दिल नहीं मानता साला और यही रुक जाता हूँ !


रोज सुबह यह सोच कर उठता हूँ की आज तो बस ,पर बस में दौड़ते दौड़ते दिन कहा चला जाता है , मालूम ही नहीं पड़ता ! और रात भर ये सोच सोच कर नींद खुल जाती है की आज का दिन तो गया कल तो सुबह से पक्का.पर ये पक्का आज तक पक्का नहीं हो पा रहा !


Life seams to be a packets of pipelines (weeks) once you enter you will come out at the end and then the same routine you follow till you survive.
और यह हमेशा चलता रहता है और जब हम अपने अप से पूछने लायक स्थति में आते है की हमने इस जीवन से क्या पाया है तो हमारे कहने क लिए कुछ  नहीं होता , इस चीज़ में तो जानवर अच्छे होते है क उनके पास दिमाग ही नहीं होता जिससे की वो अपने अप से पूछ सके की क्या किया इस जीवन में वो बस जी लेते है .

पता नहीं में इतना क्यों डर जाता हूँ , खुद को अकेला समझता हु कभी के में अकेला अपने आप से कैसे जीतूँगा कैसे में सब कर सकूँगा ,फिर में उसको लिखलेता हूँ.
पता नहीं क्यों पर जब इन शब्दों को में फिर से पड़ता हूँ तो अताविश्वास अता है की हाँ में कुछ करने की कोशिश में लगा हूँ और करता रहूँगा जब तक में कुछ पा ना लूँ !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!









चलती का नाम जिन्दगी !!!!!!!!!!!!!!!!!!! :-(



जीवन जीना सिखा देता है 

सच ही कहा है की जीवन जीना सिखा देता है ,मेने इतना जीवन देखा नहीं है फिर भी जितना सा भी उसमे ये बात मुझे सच ही लगी .अपने जीवन में इतना व्यस्त हो ता जारहा हूँ की मुझे मेरे सपने के लिए समय कम लगने लगा है , रोज्मार्र्हा की जिंदगी इतनी सरल लगती है और आसानी से कट जाती है पर रत को नजाने क्यों एक सवाल मन में अत है क्या आज मेने अपने लिए कुछ किया , कुछ सोचा दिन भर दुसरो क सपनो के लिए जीते हुए ख़तम होगये . 
और ये दिल हमेशा बेचैन होता रहता है और रात भर सोने नहीं देता की जिन्दगी फिर नहीं मिलेगी बीटा कुछ तो करना है कुछ तो पाना है और इसी सोच में रात कत्जती है और अगला दिन फिर वाही भाग दौड़ में निकल जाता है इस बीमारी का इलाज तो मुझे भी नज़र नहीं  आरहा  की  कैसे में क्या करू जो सब कुछ छोड़ कर बस वाही करने लागु जो मेरा दिल कहता है , वाही करू जिसके सपने में हमेशा देखता हूँ .क्या इतना आसान है .
नहीं समझ सकता , नहीं कर सकता क्युकी ये डर फिर से दिल में बस जाता है की कभी जो मेने सोचा वो मुझे कहा लेजयेगा ,लोग क्या कहेंगे का अच्छा भला जी रहता पता नहीं कैसे कैसे सवाल मन में आने लगते है की जिनके जवाब मेरे खुद क पास भी नहीं होते .
अकेला महसूस होता है , अकेला खड़ा हूँ  अकेला लड़ना है , सभी को आशाएं है पर किसी को मन की भावनाओ से कोई वास्ता नहीं .कुछ करने का जुनून भी सोगया है उसे भी मुझ पर विश्वास नहीं रहा की जब में अपने आप के लिए हिम्मत नहीं करसकता तो वो भी मेरे अंदर रहकर क्या करेगा .कठिन राहों पर कोई साथ नहीं देता और देगा भी क्यों उसके खुद क सपने भी तो उसे ये कदम उठाने नहीं देते .और फिर येही सोच कर अपने आप को मानना पड़ता है कल से जरुर , कल से जरुर ..........................

पर वो कल कब आयेगा ??????????????????

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